Wednesday, June 14, 2006

ये जीना भी कोई जीना है

वह पैदा ही बीमार था
मरने को तैयार था
जीने को लाचार था
वह मेरा संसार था
मुझे उससे बहुत प्यार था
फिर हमारा परिवार था

वह बच गया
जीवन की लडाई लडने
हमारी खुशियों का हनन करने

जी भी रहा है मर मर के
डर डर के

क्या करें
उसे खुद में विश्वास नहीं
और हम उसके पास नहीं
साँस तो है पर आस नहीं