Tuesday, May 09, 2006

सावन गीत

हम कबहुं न जाएंगे अम्मा के

नाती को दीनी पूरी
बलम को दीने रोट
हमका दे दिये सूखे ठीकरा
हो, हम कबहुं न जाएंगे अम्मा के

पोती को दीनी पायल
बहू को दीने कँगना
हमका दे दिये धक्के चार
हो, हम कबहुं न जाएंगे अम्मा के

बँधुआ हमरे बाबुल
और सेवक हमरे भाई
हमरी खो गईं गुइयाँ ब्याह के
हम कबहुं न जाएंगे अम्मा के

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