Wednesday, April 26, 2006

आशा

मैने किया तुझे प्रणाम
न करना निराश
न होना उदास
जीवन की नैया को
तरंगो का सहारा
तरंगों को मिलेगा
सूरज का उजाला
यिश्वास है कि
पार लगेगी ये नैया
निराशा न होगी
उदासी न होगी
जब सूरज के अन्धेरो को
तारोंका उजाला
तो कैसे न होगी
परीक्षित जीवन की आशा

सुजला मुटाटकर

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